सपा प्रवक्ता मनोज यादव छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार,दो दिनों से थे गायब
बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।यह कार्रवाई दो दिन पहले दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मनोज यादव को उस समय पकड़ा गया जब वे अपने कुछ साथियों के साथ सफदरगंज क्षेत्र से गुजर रहे थे।गिरफ्तारी के बाद मनोज यादव को बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सफदरगंज थाने में दो दिन पूर्व छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।उसी प्रकरण में साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि पिछले दो दिनों से मनोज यादव के संपर्क में न होने को लेकर चर्चा तेज थी।उनकी पत्नी ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।इसी बीच सफदरगंज में पुलिस की यह कार्रवाई सामने आई, जिससे पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ मिल गया।अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में चर्चा का दौर जारी है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव मंगलवार रात से लापता है। परिजनों के मुताबिक वे काकोरी क्षेत्र में एक परिचित के तिलक समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन वहां से लौटने के बाद वापस घर नहीं पहुंचे। देर रात तक इंतजार करने के बाद परिवार ने खोजबीन शुरू की, मगर उनका कोई सुराग नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि मनोज यादव कल शाम अपने घर से काकोरी के लिए निकले थे। कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी की पुष्टि भी हुई है। तिलक समारोह खत्म होने के बाद वे वहां से निकले, लेकिन इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि रात भर कॉल करने की कोशिश की गई, मगर संपर्क नहीं हो सका। घटना के बाद परिवार ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कार्यक्रम में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की तैयारी है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि मनोज यादव बिना बताए कहीं नहीं जाते और न ही उनका किसी से ऐसा विवाद था जिसकी वजह से वे अचानक गायब हो जाएं। उनके करीबी बताते हैं कि वे सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं, लेकिन घर लौटने में कभी इतनी देर नहीं हुई। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तिलक समारोह से निकलने के बाद वे किसके संपर्क में थे और किस दिशा में गए।
समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी इस खबर से बेचैनी है। पार्टी के कई नेताओं ने पुलिस से जल्द से जल्द पता लगाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर किसी को भी मनोज यादव के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या परिवार को सूचित करे। लखनऊ पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी संभावित बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।