लगातार मिल रही शिकायतों के बीच अचानक सदर तहसील पहुँचे डीएम शिव सहाय अवस्थी, औचक निरीक्षण से घबराएं तहसीलकर्मी

पूर्व SDM उदय भान सिंह ने सदर तहसील में भ्रष्टाचार और अनियमितता सहित पद का दुरूपयोग कर गिराई थी, राजस्व विभाग की गरिमा…
प्रतापगढ़। सदर तहसील में जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों की सघन जांच की। अचानक निरीक्षण से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट, राजस्व वादों की पत्रावलियां, भूलेख, खतौनी कक्ष, नजारत व अभिलेखागार का निरीक्षण किया।
पत्रावलियों में अनियमितता मिलने पर तहसीलदार अनिल कुमार को कड़ी चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में सुधार के निर्देश दिए। परिसर में गंदगी पर नाराजगी जताई गई और अग्निशमन यंत्र दुरुस्त कराने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और समयबद्ध सुधार अनिवार्य है।
तत्कालीन एसडीएम सदर उदय भान सिंह के कार्यकाल में लगभग 900 से अधिक मुकदमों की पत्रावलियों के गायब होने का मामला प्रकाश में आया था। परन्तु प्रशासनिक मिलीभगत से मामले को दफन कर दिया था। तत्कालीन उप जिला मजिस्ट्रेट सदर उदय भान सिंह ने ये कहकर अपना बचाव किया था कि पत्रावलियों को खोजवाया जा रहा है।
पत्रावलियों का तत्काल न मिलना कोई बड़ा अपराध नहीं हैं। उनके यहाँ तो 900 पत्रावलियां गायब हैं, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रतापगढ़ के यहाँ तो 1700 से अधिक पत्रावलियां गायब हैं। ऐसा बयान देकर तत्कालीन एसडीएम सदर अपना बचाव करने में सफल हुए थे। तत्कलीन जिलाधिकारी संजीव रंजन ने लीपापोती करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
चूँकि मुकदमों की पत्रावलियों के गायब होने का मामला राजस्व मामलों की अदालतों में आम बात है। राजस्व विभाग की अदालतों में आदेश के लिए जो पत्रावलियों को सुरक्षित किया जाता है, उसे हाकिम अपने सुविधानुसार अपने बंगले पर मंगा लेता है। आदेश भी वहीं करते है। प्रत्येक राजस्व अदालतों में स्टॉफ की कमी होने की वजह और बाहरी ब्यक्तियों के काम करने और मुकदमों की पत्रावलियों का अदालत से बाहर ले जाने की वजह से ऐसा होना सामान्य बात कहकर बचाव किया जाता है, जबकि ये गंभीर अपराध है।
ऐसा करने के पीछे सिर्फ और सिर्फ एक मकसद रहता था। पत्रावलियों के आदेश में पक्षकारों से लेनदेन करके उसका निस्तारण करना। इतने के बावजूद उक्त प्रकरण में तत्कालीन डीएम प्रतापगढ़, संजीव रंजन ने तत्कालीन राजस्व पेशकार/अहलमद को निलंबित कर अपने दायित्वों की कर ली थी, इतिश्री…