प्रतापगढ़ में युवक की हत्या में नया मोड़:एसपी बोले- सड़क हादसे में जान गई, परिवार के हत्या के आरोप निराधार
प्रतापगढ़ के कोहंडौर थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट किया है कि यह हत्या नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना का मामला है। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोप साक्ष्यों के आधार पर निराधार पाए गए हैं।
यह घटना 26 फरवरी को क्षमापुर गांव के पास हुई थी, जहां 21 वर्षीय वीरेन्द्र कुमार गौतम विद्युत पोल के समीप घायल अवस्था में मिले थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि धन्नीपुर गांव निवासी वीरेन्द्र कुमार गौतम 25 फरवरी की शाम एक बारात में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ मदिरा/बीयर का सेवन किया था, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज और ऑनलाइन भुगतान अभिलेखों से हुई है।
रात करीब 9:30 बजे वीरेन्द्र अकेले मोटरसाइकिल से आकाश पाण्डेय के घर मोबाइल लौटाने गए थे। वहां से वापस लौटते समय लगभग 9:45 बजे लौली नहर पुल के पास उनकी बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से टकरा गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वीरेन्द्र को सिर में गंभीर चोटें आईं। रात 9:50 बजे डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पीआरवी मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। 26 फरवरी की रात उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गंभीर सिर की चोट और आघातजनित जख्म बताया गया है, जो सड़क दुर्घटना से पूरी तरह संगत है। विवेचना के दौरान परिजनों द्वारा नामजद किए गए साधू विश्वकर्मा, उमाशंकर गिरि उर्फ बाबा और अखिलेश शुक्ला की घटनास्थल पर मौजूदगी या मारपीट के कोई साक्ष्य नहीं मिले।मोबाइल सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों से भी दुर्घटना की पुष्टि हुई है।
घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले काफी देर तक हंगामा भी किया था और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन अब पुलिस जांच में यह मामला दुर्घटना का पाया गया है।