देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2019 के सांसद निधि गबन मामले में फरार आरोपी प्रदीप कुमार गोयल को लखनऊ से गिरफ्तार

सांसद निधि में गबन का है, मामला…
लखनऊ/देहरादून। प्रतापगढ़ चौक निवासी प्रदीप कुमार गोयल ने इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड, 121 चौक बजाजा, प्रतापगढ़, उ. प्र. फर्म बनाकर यूपी और उत्तराखंड में ठेकेदारी का कार्य करने के लिए ठेके लेने लगे। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य राज बब्बर की निधि से विकास कार्य कराने के लिए अपनी फर्म पर धन आवंटित कराया, परन्तु काम नहीं किया।
देहरादून प्रशासन ने जांच की तो 37.50 लाख रुपये का गोलमाल पाया गया। देहरादून प्रशासन ने इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोआपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल से 37.50 लाख रुपये रिकवरी करने के लिए आदेश जारी किया। चूँकि इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल मूलतः यूपी के प्रतापगढ़ से रहे। इसलिए देहरादून से रिकवरी न होने पर देहरादून की सीडीओ नितिका खंडेलवाल ने एडीएम (वित्त/राजस्व), प्रतापगढ़ को पत्र लिखकर रिकवरी कराने को कहा था।
सीडीओ नितिका खंडेलवाल का पत्र आते ही गोयल परिवार में भूचाल आ गया। ब्यवसायिक लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई थी। तत्कालीन एडीएम (वित्त/राजस्व), शत्रोहन वैश्य का कहना था कि प्रदीप कुमार गोयल से रिकवरी के संबंध में सीडीओ देहरादून का पत्र आया है। कुछ दिनों तक पत्र को दबाकर रखवाया गया, परन्तु मामला सरकरी धन की रिकवरी से सम्बन्धित होने की दशा में अधिक दिनों तक उसे दबाया न जा सका। इस बाबत तहसीलदार सदर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्रदीप कुमार गोयल प्रतापगढ़ से अपने हिस्से में मिली पैतृक सम्पत्ति को बेंचकर सपरिवार कहीं भाग गया है। अब वह प्रतापगढ़ में नहीं रहता।
एक तरह से प्रतापगढ़ जिला प्रशासन अपना पिंड छुड़ाकर फुर्सत किया। जबकि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन को पता था कि प्रदीप कुमार गोयल अपनी सम्पत्ति बेंचकर राजधानी लखनऊ में शिफ्ट हो गया है। फिर भी देहरादून प्रशासन को गोलमोल जवाब दिया। इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड नामक संस्था से प्रदीप कुमार गोयल ने यूपी और उत्तराखंड में जमकर घोटाला किया है। वहीं प्रदीप कुमार गोयल के सगे छोटे भाई सुनील कुमार गोयल के सहयोग से शासन में फेंक रिपोर्ट भेज दी थी कि इस नाम का कोई व्यक्ति प्रतापगढ़ में नहीं है। जबकि सुनील कुमार गोयल को पता था कि उसका भाई सपरिवार लखनऊ शिफ्ट हो गया है।

देहरादून की सीडीओ ने गबन के आरोपी प्रदीप कुमार गोयल से रिकवरी के लिए एडीएम (वित्त/राजस्व) प्रतापगढ़ को पत्र लिखा था, पत्र…
देहरादून जिले की चकराता कोतवाली पुलिस ने वर्ष- 2019 में कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद राजबब्बर सांसद निधि में हुए गबन के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी और इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल को लखनऊ स्थित उनके नए आवास से गिरफ्तार कर लिया है। लखनऊ से रिमांड लेकर पुलिस टीम प्रदीप कुमार गोयल को देहरादून चली गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट चकराता की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी।
शुरुआती प्रयासों में सफलता न मिलने पर पुलिस ने पतारसी-सुरागकशी और सर्विलांस की मदद ली। इसके जरिए आरोपी के नए ठिकाने का पता चला, जिसके बाद पुलिस टीम ने लखनऊ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप कुमार गोयल की गिरफ्तारी के बाद से लखनऊ और प्रतापगढ़ तक लोग एक दूसरे से जानकरी लेने लगे। सांसद निधि को जालसाजी एवं धोखाधड़ी करके उसे हजम करने वाले प्रदीप कुमार गोयल को गिरफ्तार करने वाली देहरादून पुलिस उसे लखनऊ के सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहाँ से रिमांड पर लेकर सरकारी धन को हजम करने वाले आरोपी प्रदीप कुमार गोयल को देहरादून चली गई
चकराता कोतवाली पुलिस ने आज इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल को न्यायिक मजिस्ट्रेट चकराता की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से आरोपी प्रदीप कुमार गोयल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। क्योंकि मामला सरकारी धन के गोलमाल का रहा और साल-2019 से आरोपी प्रदीप कुमार गोयल बहुत ही शातिराना अंदाज में अदालत और देहरादून पुलिस को चकमा देकर लखनऊ में अपने गोरखधंधे में मस्त था। चकराता कोतवाली पुलिस को जब अदालत से एनबीडब्लू मिला, तब वह सक्रिय हुई और अपना जाल बिछाया और आरोपी के गिरबान तक जा पहुँची।
न्यायिक मजिस्ट्रेट चकराता की अदालत ने सरकारी धन को हजम करने के लिए जालसाजी व धोखाधड़ी करने वाले इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल को न्यायिक हिरासत में 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह और कांस्टेबल संतोष भंडारी शामिल रहे। अब देखना यह है कि इंडियन प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कोऑपरेटिव लिमिटेड के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गोयल के खिलाफ यूपी के बरेली और लखनऊ में दर्ज मुकदमों में पुलिस क्या कार्यवाही करती है ?