दर्दनाक हादसा: पोखर में गिरी ईको कार, 3 बच्चों समेत 4 की मौत; 5 गंभीर घायल
राजस्थान के धौलपुर जिले में शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। मनिया थाना क्षेत्र के फूलपुर गांव के पास यात्रियों से भरी एक ईको कार अनियंत्रित होकर पोखर में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार पानी में डूब गई। घटना में अब तक तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, ईको कार में कई यात्री सवार थे। फूलपुर गांव के पास पहुंचते ही कार पोखर में जा गिरी। बताया जा रहा है कि पोखर के आसपास अतिक्रमण के कारण पानी सड़क तक फैल गया था। सड़क का काफी हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। ऐसे में चालक को सड़क और पोखर की वास्तविक सीमा का अंदाजा नहीं लग सका और कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी।

हादसे में चार लोगों की मौत
कार के पोखर में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस-प्रशासन को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर श्रीनिधी बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। हादसे में चार लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए जा रहे है। वहीं पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
हादसे के बाद पोखर के आसपास अतिक्रमण को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि अतिक्रमण की वजह से पोखर का पानी सड़क तक पहुंच गया था। सड़क पर पानी भरने के कारण वाहन चालक को यह पता नहीं चल सका कि आगे सड़क है या गहरा पानी। इसी वजह से यह हादसा हुआ।

हादसे के बाद प्रशासन सख्त
घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला कलेक्टर श्रीनिधी बीटी ने संबंधित अधिकारियों को पोखर क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर उसे हटाने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही अधिकारियों से पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की परिस्थितियों और अतिक्रमण समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर जलभराव और सार्वजनिक रास्तों के आसपास किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है।