सिविल मामले में राजस्व विभाग और पुलिस महकमा की दबंगई को हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पहले जैसी स्थिति बहाल करने का दिया आदेश
राजस्व विभाग व पुलिस विभाग औंधे मुँह गिरा। पहले प्रशासनिक अकड़ से दिनांक- 28/09/2026 को दरवाजा के सामने दीवाल बनाकर दरवाजा बंद करा दिया था…
नियम विरुद्ध ढ़ंग से दरवाजा को बंद करवाने के लिये नायब तहसीलदार चंदन राणा, हल्का लेखपाल सुशील कुमार मिश्र, नगर कोतवाल सुभाष यादव, जिला अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी अजय कुमार अंचल एवं भगवा चुंगी पुलिस टीम आकर प्रशासनिक गुंडई दिखाकर 22 साल से स्थापित दरवाजा को करा दिया था, बंद। साथ ही हरिश्चंद्र गुप्ता के लगाए गए पेड़ को काट कर फेंकवा दिया गया…
हाईकोर्ट इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ के आदेश पर आज दिनांक- 17/10/2026 को नियम विरुद्ध बंद दरवाजा को खुलवाने नायब तहसीलदार दिनेश तिवारी, हल्का लेखपाल सचिन यादव, नगर कोतवाल सुभाष यादव, भगवा चुंगी चौकी प्रभारी रमेश तिवारी मय पुलिस टीम पहुँच कर बंद दरवाजे को खुलवा दिया…
प्रतापगढ़। कोतवाली नगर के भगवा चुंगी पुलिस चौकी से चंद कदम दूर भगवा चुंगी से कचेहरी रोड़ स्थित करनपुर करमचंदा (बा) परगना व तहसील- सदर, प्रतापगढ़ की गाटा संख्या- 120 मि. रकबा- 0.085 हेक्टेयर भूमि के विवाद में तत्कालीन हल्का लेखपाल सुशील कुमार मिश्र ने दिनांक- 10/08/2026 को मनमानी व मन गढ़ंत रिपोर्ट लगाकर खेल कर दिया।
तत्कालीन हल्का लेखपाल सुशील कुमार मिश्र ने आइसा बेगम पत्नी निसार अहमद को नाजायज लाभ दिलाने के लिये अपनी रिपोर्ट को राजस्व निरीक्षक त्रिभुवन मिश्र से दिनांक- 10/08/2026 को आख्या अग्रसारित करा लिया और नायब तहसीलदार चंदन राणा से राजस्व निरीक्षक आख्या को दिनांक- 01/09/2026 को अग्रसारित करवा लिया।

SDM सदर अनुष्का शर्मा ने दिनांक- 12/09/2026 को RI और SHO कोतवाली नगर को आदेश किया कि कृ. नियमानुसार कार्यवाही करें। उसी रिपोर्ट पर एसडीएम सदर के आदेश के ऊपर SHO कोतवाली नगर, सुभाष यादव ने चौकी इंचार्ज भगवा को दिनांक- 14/09/2026 को आदेश दिया कि कृ. राजस्व टीम के साथ कृ. Sir के निर्देश का पालन करें। दरवाजा बंद कराये।
सम्पूर्ण मामले में मजेदार बात यह है कि नगर कोतवाल सुभाष यादव जी अपने अधिकार क्षेत्र से ऊपर जाकर SDM सदर अनुष्का शर्मा के आदेश को सुपरसीट करते हुए नियम विरुद्ध आदेश जारी किया। 25 साल से स्थापित दरवाजा को बंद कराने का आदेश जारी किया। यानि SDM सदर से बड़े हो गए नगर कोतवाल सुभाष यादव जो दरवाजा बंद करने का आदेश दे दिया।

पीड़ित हरिश्चंद्र गुप्ता मामले को हाईकोर्ट लखनऊ में चुनौती दी और हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध बंद कराये गए दरवाजे पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट में राज्य की ओर से उपस्थित विद्वान एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि उक्त दीवार के निर्माण के लिए कोई आदेश पारित नहीं किया गया था। अतः स्टेशन हाउस ऑफिसर द्वारा की गई यह कार्रवाई कानूनन किसी अधिकार के बिना है जो विधि सम्मत नहीं है।
WRIC संख्या- 11265/2026 में माननीय जस्सिस अमिताभ कुमार राय एवं शेखर बी. सर्राफ ने अपने आदेश दिनांक- 15/10/2026 में कहा है कि हमने रिट याचिका और उसके साथ संलग्न दस्तावेजों (जिसमें तस्वीरें भी शामिल हैं) को देखा है। इससे पता चलता है कि स्टेशन हाउस ऑफिसर के कहने पर किया गया यह निर्माण मनमाना है और इसे किसी भी अदालत के ऐसे निर्माण की अनुमति देने वाले आदेश का समर्थन प्राप्त नहीं है।

इसे देखते हुए, हम स्टेशन हाउस ऑफिसर को निर्देश देते हैं कि वे सात दिनों के भीतर इस दीवार को हटा दें और स्थिति को पहले जैसा कर दें। इन निर्देशों के साथ, रिट याचिका का निस्तारण किया जाता है। उक्त आदेश का आज जिलाधिकारी प्रतापगढ़ अभिषेक पाण्डेय ने अनुपालन कराया, परन्तु याचिकाकर्ता हरिश्चंद गुप्ता ने कहा कि सिर्फ बंद दरवाजा खोल दिया गया है, जबकि आदेश में साफ़-साफ लिखा है कि पहले जैसा कर दें !
राजस्व विभाग और पुलिस विभाग आधा अधूरा अनुपालन कराकर निकल गये और उसके काटे गये पेड़ एवं पूजा करने के लिए बनाई गई छोटी सी मंदिर के सम्बन्ध में कुछ भी नहीं किया, जबकि सब कुछ तहस-नहस कर दिया गया था। हालाँकि WRIC संख्या- 11265/2026 को हाईकोर्ट ने डिस्पोज कर दिया है, परन्तु आदेश के अनुपालन न होने की दशा में यदि याचिकाकर्ता कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट में जाता है तो पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के लिए एक बार फिर यह मामला गले की हड्डी बन सकता है।
