16 साल के पोते ने दादा को गोली मारी, मौतः घर पहुंचते ही रोने का नाटक करने लगा,2 नाबालिग समेत 3 गिरफ्तार
अमेठी में 16 साल के पोते ने दादा की गोली मारकर हत्या कर दी। घर में किसी को शक ना हो। इसलिए वह घर पहुंचकर रोने का नाटक करने लगा। हत्या में दो साथियों ने नाबालिग का साथ दिया, जिसमें एक की उम्र 17 साल है।
पुलिस पोते के मोबाइल की लोकेशन के जरिए उस तक पहुंची। दादा की हत्या में साथ देने वाले उसके दोनों साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना सोमवार सुबह 5 बजे की है। उस समय दादा शौच के लिए गए हुए थे। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र की है।
पुलिस की 7 टीमों ने मिलकर 24 घंटे के अंदर घटना का मंगलवार को खुलासा किया। जांच में सामने आया कि हाईवे की जमीन के 85 लाख रुपए के मुआवजे और प्रॉपर्टी को लेकर घर में विवाद चल रहा था। पोते को शक था कि दादा सारी संपत्ति अपने भतीजे के नाम न कर दें।
सिलसिलेवार पूरी घटना पढ़िए…
लोढियावां गांव में हीरालाल द्विवेदी अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके दो बेटे राकेश और बृजेश हैं। राकेश की साल-2014 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। उनका एक 16 साल का बेटा है, जो 12 वीं में पढ़ता है और एक 13 साल की बेटी है, जो सातवीं क्लास में है। दूसरा बेटा, बृजेश मानसिक रूप से कमजोर है। उसके 3 बेटे और 3 बेटियां हैं। बृजेश घर पर ही रहता है। उसी घर में हीरालाल के भाई का परिवार भी साथ में रहता है।
85 लाख रुपए और जमीन को लेकर था झगड़ा
हीरालाल के परिवार में संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दरअसल, 2016-17 में हाईवे में हीरालाल की जमीन चली गई थी। उसके बदले हीरालाल को करीब 85 लाख रुपए का मुआवजा मिला था। 30 लाख रुपए उन्होंने फिक्स कर दिए थे।
जबकि, 50 लाख रुपए कि उन्होंने अपने भाई अंजनी द्विवेदी के बेटे वीरेंद्र के साथ जमीन में लगा दिए। 5 लाख रुपए गांव के एक व्यक्ति को उधार दिए थे। फिक्स किए गए और उधारी के रुपए इसी महीने वापस मिलने वाले थे। 5 बीघा जमीन भी हीरालाल के नाम पर थी।
पोते को लगा- परिवार सड़क पर आ जाएगा
दो दिन पहले इसी रकम को लेकर परिवार में विवाद हुआ था। पोते को हमेशा यही लगता था कि दादा अपनी पूरी प्रॉपर्टी भतीजे वीरेन्द्र कुमार द्विवेदी के नाम कर देंगे। उसके परिवार को कुछ नहीं मिलेगा। अगर ऐसा हुआ तो वे लोग सड़क पर आ जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इसी शक और नाराजगी के चलते पोते ने अपने दो साथियों लोशनापुर गांव के सुशील यादव और गूंगेमऊ गांव के एक नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर मर्डर का प्लान बनाया। विनय यादव ने नाबालिग साथी से पोते को पिस्टल और कारतूस दिलवाया।
शौच करने गए हीरालाल को मारी गोली
सुशील ने बाइक से हीरालाल की रेकी शुरू की। सोमवार सुबह 5 बजे जब हीरालाल घर से शौच के लिए निकले तो मौका मिलते ही पोते ने अपने नाबालिग साथी के साथ उन्हें गोली मार दी। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या करने के बाद पोते के दोनों साथी फरार हो गए। पोता घर आकर रोने का नाटक करने लगा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। भतीजे वीरेन्द्र ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एसपी ने सात टीमों का गठन किया। एसओजी, सर्विलांस समेत सात टीमें हत्या के खुलासे के लिए लगाई गईं।
सीसीटीवी से पकड़े गए आरोपी
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध बाइक जाती हुई दिखी। सर्विलांस की मदद से पोते के मोबाइल की लोकेशन भी घटनास्थल पर मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पोते ने पुलिस की सख्ती के आगे अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इसके बाद दादा की हत्या में साथ देने वाले उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर मर्डर में इस्तेमाल.32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा कारतूस तथा घटनास्थल से चार जिंदा कारतूस और चार खोखे बरामद हुए।
एसपी सरवणन टी ने बताया कि तकनीकी सबूतों, मुखबिर की सूचना और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।