हैरान व परेशान करने की नियत से शिकायतकर्ता सारिफ ने जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से की थी शिकायत, जांच में शिकायत निकली झूठी

सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करना भी एक तरह का होता है, अपराध…
प्रतापगढ़। अपना काम बनाने व भवन स्वामी को हैरान व परेशान करने की नियत से भूमिधरी की भूमि पर साफ सफाई के कार्य को नजूल सरकार की भूमि में होना बताकर काम रुकवाने की मंशा भी उस वक्त फेल हो गई, जब तहसीलदार सदर व हल्का लेखपाल सचिन यादव को साथ लेकर एसडीएम सदर मौके पर शिकायत की जांच करने पहुँची।
दुकानदार के बेटे सारिफ की शिकायत झूठी निकली, बेल्हाघाट में भूमिधरी की गाटा संख्या-432 में सिर्फ साफ सफाई का कार्य कराया जा रहा था, जबकि भूमिधरी भूमि को नजूल सरकार की भूमि में निर्माण कार्य बताकर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से शिकायत की थी। सारिफ का मुख्य उदेश्य यह था कि दुकान के स्वामी को हैरान व परेशान करेंगे तो दुकान स्वामी उसके किराये की दुकान को खाली नहीं कराएगा।
नजूल सरकार की उस जमीन पर शिकायत करनी चाहिये, जिसका पट्टा अथवा फ्रीहोल्ड न हुआ हो और उस भूमि पर कोई कब्जा कर रहा हो। परंतु सारिफ जैसे ब्यक्ति जिन्हें यही नहीं पता कि नजूल सरकार की उस जमीन पर कुछ नहीं किया जा सकता है, जिसका पट्टा अथवा फ्रीहोल्ड कराया गया हो। जहाँ साफ सफाई का कार्य हो रहा था, वह इमामबाड़े के पास की भूमिधरी भूमि है।
प्रतापगढ़ चौक कचेहरी रोड़ फलमंडी गेट के सामने खान मार्किट में दुकान नम्बर- 1 में कई सालों से हलीम किराये पर लेकर स्टोप, टॉर्च, चूल्हा आदि सामानों को बेंचने व रिपेयरिंग का कार्य करता रहा। दुकान मालिक मतीन ने हलीम को दुकान खाली करने की नोटिस दिया और जिला प्रशासन सहित शासन से प्रार्थना पत्र देकर जर्जर दुकान को खाली कराने की फरियाद की है।
हलीम के चार लड़के कैफ, आसिफ, राही व सारिफ हैं, वो सब भी उसी दुकान पर रहते हैं। सारिफ ने जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के यहाँ एक जूठा मनगढ़ंत प्रार्थना पत्र दिया कि बेगमवार्ड में नजूल सरकार की भूमि पर जबरन रात्रि में दुकान बनाकर शटर लगा लिया गया है। शिकायत को जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने गंभीरता से लिया और मौके पर एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर को भेजा।
बेल्हाघाट के हल्का लेखपाल सचिन यादव ने जब शिकायतकर्ता सारिफ से पूँछा कि जरा बताओ कि वो कौन सी जगह है, जहाँ रात में शटर लग गया ? शिकायतकर्ता सारिफ ने जिस जमीन को इशारा करके दिखाया तो हल्का लेखपाल सचिन यादव ने बताया कि वह जमीन भूमिधरी गाटा संख्या- 432 है। फिर शिकायतकर्ता सारिफ की बोलती बंद हो गई। सारिफ को कष्ट है कि उनकी दुकान जो जर्जर हो चुकी है, उसे खाली करना पड़ रहा है।
जर्जर दुकान की छत गिर जाने के बाद से हलीम व उनके चारों लड़कों को इस बात की तकलीफ है कि उनकी दुकान खाली कराने के लिए मतीन अधिकारियों के समक्ष क्यों प्रार्थना पत्र देकर खाली कराने की बात कर रहे हैं। इसी चिढ़ से सारिफ ने भूमिधरी भूमि को भी नजूल सरकार की भूमि बताकर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के यहाँ झूठा प्रार्थना पत्र दिया और घण्टों एसडीएम सदर व तहसीलदार सदर सहित हल्का लेखपाल सचिन यादव को बेवजह हैरान व परेशान किया। ऐसा करना सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करने जैसा है।