नैनी सेंट्रल जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली को भेजा गया झांसी जिला जेल, देर रात आया फरमान
केंद्रीय कारागार के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को बुधवार को सुबह नैनी से झांसी जिला जेल के लिए रवाना कर दिया गया। डीआईजी जेल के निरीक्षण में उसके बैरक से नकदी मिली थी। इसके बाद से ही जेल स्थानांतरण की कवायद चल रही थी। अली पर पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है। उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद अली को केंद्रीय कारागार नैनी से झांसी जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस संबंध में शासनादेस देर रात नैनी जेल में पहुंचा था। बुधवार को सुबह करीब साढ़े सात बजे भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में अली अहमद को लेकर जिला जेल झांसी के लिए रवाना कर दिया गया। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पांच करोड़ की रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। लंबे समय तक फरार रहने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद ही उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे हाई सिक्योरिटी बैरक से हाई सिक्योरिटी सेल के आठ बाई दस के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे और तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
डीआईजी जेल के निरीक्षण में बैरक से बरामद हुई थी नकदी
17 जून 2025 को अली की बैरक से कैश बरामद हुए थे। जेल प्रशासन के अनुसार उसके पास से 1100 रुपये नकद मिले थे। डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने उसकी बैरक में छापेमारी कर पैसा बरामद किया था। मामले में एक डिप्टी जिला और एक हेड वार्डन को निलंबित करते हुए उसके सेल की सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी गई। इसी के बाद से उसे नैनी जेल से हटाने की कवायत चल रही थी।
उत्तर प्रदेश के डीजी जेल (महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं) पीसी मीणा ने जुलाई 2025 में कार्यभार संभाला था। कार्यभार संभालने के बाद वह नैनी केंद्रीय कारागार व जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अली के बैरेक को भी देखा था और उससे बातचीत की थी। बातचीत के दौरान अली ने डीजी जेल से खुद को हाई सिक्योरिटी सेल से हटकर अन्य बंदियों के साथ रखने की मांग की थी।