दूल्हे ने 51 लाख रुपए से भरी थाल लौटाई, बुलंदशहर में शगुन में चांदी का सिक्का लिया; कहा- पत्नी चाहिए, दहेज नहीं
यूपी के बुलंदशहर में दूल्हे ने 51 लाख रुपए कैश से सजी थाली ठुकरा दी। लड़की वालों ने काफी समझाया, लेकिन दूल्हा अपनी बात पर अड़ा रहा। बाद में एक चांदी का सिक्का लेकर सादगी के साथ शादी की। दरअसल, जयपाल सिंह के बेटे विवेक की 11 दिसंबर को शादी थी। इसी दिन तिलक का भी कार्यक्रम था। इस दौरान दूल्हे के सामने नोटों की गड्डी से सजी थाल लाई गई। गड्डियों की इमारत देख लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे। दूल्हे ने थाल को माथे से लगाया और वापस कर दिया। लड़की पक्ष के लोग दूल्हे से कहा- ये रस्म है। लेकिन, दूल्हा नहीं माना। एक भी नोट टच करने से इनकार कर दिया। बाद में एक चांदी का सिक्का स्वीकार किया और बेहद सादगी के साथ शादी की। मामले के वीडियो भी सामने आए हैं।
मामला जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर का है। बताया जा रहा है कि दूल्हे के पिता शहर के जाने-माने स्क्रैप कारोबारी हैं, जबकि फुफेरा भाई भाकियू टिकैत के युवा मोर्चा का एनसीआर अध्यक्ष है। डिबाई के पास पैगमपुर निवासी जयपाल सिंह के बेटे विवेक की शादी मथुरा के व्यापारी वेदपाल फौजदार की बेटी कृष्णा से तय हुई थी। गुरुवार को तिलक और शादी थी। कार्यक्रम मेरठ रोड स्थित मैरिज होम में था। शाम करीब 7 बजे तिलक की रस्में शुरू हुईं।
पांव पूजन और अन्य रस्मों के बाद रात करीब 10 बजे जब दुल्हन के पिता वेदपाल ने दहेज से सजी थाल पेश की। थाल में 51 लाख रुपए नगद रखे हुए थे।विवेक ने बेहद सम्मान के साथ थाल को माथे से लगाया और वापस कर दिया। लड़की पक्ष ने कारण पूछा तो जवाब मिलना कि मुझे सिर्फ आपकी लड़की अपनी पत्नी के रूप में चाहिए, एक रुपया भी दहेज नहीं चाहिए।लड़की पक्ष के लोगों ने कहा- ये तो रस्म है, बेटी को खाली हाथ विदा नहीं कर सकते। काफी मिन्नत करने के बाद विवेक ने रस्म के तौर पर सिर्फ एक चांदी का सिक्का स्वीकार किया। इसके बाद शादी की पूरी रस्म अदा की।
सोशल मीडिया पर छिड़ी डिबेट
इसी दौरान शादी में मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जहां विवेक की जमकर हौसला अफजाई हो रही है। यूजर विवेक और उसके परिवार की तारीफ करते नहीं थक रहे। कुछ लोग इसे उदाहरण बताते हुए कह रहे हैं कि इसी तरह अगर लड़कियां भी एलुमनी लेने से इनकार कर दें तो शादी के प्रति घट रहा युवाओं का भरोसा टूटने से बच जाएगा।
बदलाव की शुरुआत खुद से करनी होती है: दूल्हा
विवेक ने कहा- हम बेटी को सम्मान से अपना रहे हैं, दहेज लेकर नहीं। समाज में बदलाव की शुरुआत खुद से करनी होती है। दहेज प्रथा को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। इसीलिए उन्होंने शगुन के तौर पर सिर्फ एक चांदी का सिक्का स्वीकार किया। विवेक अपने पिता के साथ व्यापार संभालता है। मां की पहले ही मौत हो चुकी है।
खाप पंचायत के फैसले से मिली प्रेरणा
दूल्हे के फुफेरे भाई और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के एनसीआर अध्यक्ष योगेंद्र सिंह उर्फ मंटू चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरनगर के सोरम में हाल ही में सर्व खाप पंचायत हुई थी। पंचायत में खाप सरदारों ने समाज से बिना दहेज विवाह और मृत्यु भोज न करने की अपील की थी। परिवार ने उसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया। मंटू चौधरी ने कहा- “सर्व खाप के निर्णय का पालन करते हुए मेरे छोटे भाई विवेक ने दहेज मुक्त विवाह किया है। हम चाहते हैं कि समाज में यह एक नई शुरुआत साबित हो।”
मुजफ्फरनगर में भी दूल्हे ने लौटाए थे 31 लाख
इसी तरफ बीते 25 नवंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में भी बुढ़ाना तहसील के नगवा गांव के बिजनेसमैन दूल्हे अवधेश ने दहेज के रूप में दी जा रही 31 लाख की थाली लेने से इनकार कर सभी को चौंका दिया था। दुल्हन पक्ष के लोग नोटों से भरी थाली लेकर आए थे, लेकिन अवधेश ने थाली को प्रणाम कर कहा- यह दुल्हन के पिता की गाढ़ी कमाई है, इस पर मेरा हक नहीं। उनके इस फैसले पर परिवार समेत पूरा मंडप गर्व से भर उठा। लड़की पक्ष ने हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया और भावुक हो उठे थे। अवधेश के इस फैसले की बुजुर्गों ने जमकर सराहना की थी। दुल्हन अदिति ने भी पति का शुक्रिया अदा किया। गांव और समाज के लोग कह रहे थे- “दामाद हो तो ऐसा…” यह शादी दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश बन गई।