प्रेम विवाह से नाराज़ परिवार ने जीवित बेटी का किया ‘अंतिम संस्कार’
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक चौंकाने वाला और भावनात्मक मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी को मृत मानते हुए पूरे रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र की चूना वाली गली का है। 23 वर्षीय सविता कुशवाह ने बरईपुरा निवासी संजू रजक से प्रेम विवाह किया था। यह रिश्ता परिजनों को स्वीकार नहीं था, क्योंकि संजू रजक सविता के भाई सौरभ कुशवाह का दोस्त बताया जा रहा है। 11 दिसंबर को सविता घर से चली गई थी, जिसके बाद परिजनों ने 13 दिसंबर को कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
18 दिसंबर को सविता स्वयं थाने पहुंची और पुलिस को बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी। उसने यह भी बताया कि उसने भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में संजू रजक से विवाह कर लिया है। युवती के बालिग होने और स्वेच्छा से बयान देने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इधर, सविता के फैसले से नाराज़ परिजनों ने उसे परिवार के लिए ‘मृत’ मानने का निर्णय लिया। परिवार ने घर में मातम मनाया, सविता का पुतला बनाकर अर्थी सजाई गई और पूरे मोहल्ले व रिश्तेदारों की मौजूदगी में शवयात्रा निकाली गई। श्मशान घाट में विधि-विधान से दाह संस्कार किया गया, जहां सविता के भाई राजेश कुशवाह ने मुखाग्नि दी। परिजनों ने आगे उसकी तेरहवीं और गंगा नदी जाकर पिंडदान करने की भी बात कही है।
सविता के भाई राजेश कुशवाह ने कहा कि परिवार ने बहन को पढ़ाया-लिखाया और बड़े लाड़-प्यार से पाला, लेकिन उसने परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। उनका आरोप है कि युवक नशे का आदी है और इस कारण यह रिश्ता उन्हें मंजूर नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब परिवार का सविता से कोई संबंध नहीं रहेगा और भविष्य में भी उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले पर विदिशा के पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि युवती बालिग है और उसके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
यह मामला समाज में प्रेम विवाह, पारिवारिक असहमति और सामाजिक दबाव के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करता है, जिसने रिश्तों को इस हद तक तोड़ दिया कि जीवित बेटी को ही परिवार ने मृत घोषित कर दिया।