बयान दर्ज कराने पहुंचीं लोक गायिका नेहा को थाने से लौटायाः पहलगाम अटैक पर कहा था- चौकीदरवा कायर बा
लोक गायिका नेहा सिंह राठौड़ शनिवार रात लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली बयान दर्ज कराने पहुंचीं। यहां करीब साढ़े 3 घंटे रहीं, लेकिन पुलिस ने बिना बयान लिए ही उन्हें लौटा दिया। घर जाते समय नेहा ने कहा- पुलिस ने बताया है कि किसी महिला का बयान रात में दर्ज नहीं कर सकते।
ऐसे में उन्हें फिर से नोटिस देकर बुलाया जाएगा। जब भी नोटिस दिया जाएगा, तो हम बयान दर्ज कराने आएंगे। इससे पहले खबर आई थी कि बयान दर्ज कराने आईं नेहा सिंह राठौर को हिरासत में लिया गया है।
आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा था-चौकीदरवा कायर बा…। इसके बाद वाराणसी और लखनऊ में उनके खिलाफ फिर दर्ज हुई थी। करीब 15 दिन पहले हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने उनको बयान देने के लिए नोटिस भेजा था। उस समय नेहा ने तबीयत का हवाला दिया था। शुक्रवार को फिर उनको नोटिस भेजा गया। इसके बाद आज पति के साथ कोतवाली पहुंचीं।
अब जानिए पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि 12 मई को नेहा सिंह राठौर के गाने चौकीदरवा कायर बा… बेटियां किसानन खातिर बनल जनरल डायर बा… पर विवाद छिड़ा। आरोप लगा कि नेहा ने पीएम नरेंद्र मोदी को जनरल डायर कहा है।
हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 20 मई को नेहा सिंह राठौर के खिलाफ वाराणसी कमिश्नरेट के 3 जोन के 15 थानों में 500 से ज्यादा शिकायतें दीं। अकेले लंका थाने में ही 318 शिकायतें आईं।
2 समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर नेहा ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे। सरकार पर सवाल उठाए थे। इन पोस्टों से आहत होकर अभय प्रताप सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में नेहा के खिलाफ फिर दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और देश की अखंडता को तोड़ने वाली पोस्ट की है।
अभय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि नेहा सिंह राठौर की हरकतें सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अशांति पैदा करने के उद्देश्य से की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि राठौर की पोस्ट, जिन्हें पाकिस्तान में व्यापक रूप से शेयर किया गया, का इस्तेमाल पड़ोसी देश के मीडिया द्वारा भारत की आलोचना करने के लिए किया जा रहा था, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंच रहा था।
मामला दर्ज होने के बाद नेहा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था- पहलगाम हमले के जवाब में सरकार ने अब तक क्या किया है? क्या आपने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की है? अगर हिम्मत है, तो जाकर आतंकवादियों के सिर वापस लाओ !