पांच माह की गर्भवती महिला की पिटाई से मौत, बेटे के सिर से उठा मां का साया; परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप व चक्का किया जाम
वाराणसी में ऑटो से अस्पताल जा रही महिला पर मोहल्ले के दबंगों ने हमला कर दिया। ऑटो रोककर पहले पति को पीटा। फिर बीच-बचाव करने पहुंची प्रेग्नेंट पत्नी पर भी जमकर लात-घूसे बरसाए। हमलावर गली से ऑटो निकलने का विरोध कर रहे थे। इसके बाद अस्पताल पहुंची महिला ने सोमवार को दम तोड़ दिया।
दबंगों की पिटाई से घायल पति ने लालपुर थाने से पुलिस बुलाई, लेकिन तब तक हमलावर मौके से भाग निकले। वहीं, महिला की मौत के बाद घरवालों ने लाश सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। पुलिस पर लापरवाही और दबंगों की मदद का आरोप लगाया।
मामला बढ़ता देख पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज कर लिया। महिला का पति और घरवाले ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। घटना लालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुकुलगंज-कुलगंज खजूरी की है।
हुकुलगंज-कुलगंज खजूरी में रहने वाला दशमी पटेल सरकारी अफसरों के आवास पर फॉलोअर है। वह अफसरों के लिए खाना बनाता है। रविवार को एक अधिकारी के आवास पर खाना बनाते समय पत्नी ने तबीयत खराब होने की बात बताई। इस पर दशमी ने अफसर से कहा कि पत्नी सनोली पटेल (35) प्रेग्नेंट है। डिलीवरी का समय नजदीक है। उसे अस्पताल लेकर जाना है।
इसके बाद वह तुरंत अपने घर पहुंचा। पत्नी की प्रसव पीड़ा देखकर दशमी पटेल ने बाहर पेट्रोल पंप से एक ऑटो लिया और गली में पहुंचा। पत्नी को उसने गली के बाहर बुलाया, लेकिन दर्द के चलते वह नहीं आ सकी। इस पर दशमी अंदर गली के अंदर ऑटो लेकर जाने लगा। इसका दुकानदारों ने विरोध कर दिया।
दशमी ने दुकानदारों से सड़क पर लगा उनका सामान हटाने को कहा। लेकिन, किसी ने उसकी एक नहीं सुनी और झगड़ा करने लगे। इसी बीच एक दुकान पर बैठे युवक ने दशमी पटेल पर हमला बोल दिया। साथियों को बुलाकर मारपीट शुरू कर दी। उधर, शोर सुनकर बाहर दशमी की मां को भी हमलावरों ने धक्का दे दिया।
पति को बचाने पहुंची पत्नी को भी पीटा
इसके बाद पत्नी सनोली भी बाहर निकल आई। इस पर लोगों ने सनोली को भी जमकर पीटा। लात-घूसे बरसाते हुए धक्का दे दिया। इससे उसे रक्तस्राव होने लगा, सिर पर भी गंभीर चोट आई। इसके बाद दशमी ने पुलिस को फोन किया।
उसने पुलिस को बताया कि पत्नी को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था। तभी कुछ युवकों ने रास्ता रोक लिया। करीब 4 घंटे तक उन्हें जबरन रोके रखा। इस पर पुलिस ने आकर मामला शांत कराया, लेकिन हमलावरों ने टैंपो नहीं जाने दिया। इसके बाद सनोली अस्पताल नहीं जा पाई, घर में ही रह गई। लंबे समय तक रक्तस्राव होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
सोमवार को फिर उसकी हालत बिगड़ी तो किसी तरह उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि भ्रूण में गहरी चोटें लगने के चलते शिशु की अंदर मौत हो गई। इससे इन्फेक्शन होने से महिला की मौत हुई है।
घटना के संबंध में दशमी ने थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। वहीं, महिला की मौत के बाद नाराज घरवाले और स्थानीय लोग सोमवार शाम करीब 4:30 बजे धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे थानेदार ने समझाने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने पर लोगों ने जाम खत्म कर दिया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए शव का पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है