बिजली निगम का बड़ी कार्यवाई: मस्जिद समेत जिलेभर में खास डिवाइस लगाकर की जा रही थी बिजली चोरी
संभल में बिजली निगम की टीम ने सोमवार को संभल की मुस्तफा मस्जिद समेत जिलेभर में 101 और शहर में 52 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी है। छापे में सपा सांसद जियाउर्रहमान के मोहल्ले दीपासराय में भी बिजली चोरी के कई मामले सामने आए हैं। सरायतरीन स्थित मस्जिद में चोरी से बिजली के कितने लोड का इस्तेमालसुबह छह बजे से पुलिस, पीएसी और आरआरएफ की टीम के साथ पांच सौ से ज्यादा स्थानों पर चेकिंग की गई। संभल शहर में सांसद बर्क के क्षेत्र दीपासराय समेत खग्गू सराय, तिमरदास सराय और सरायतरीन पड़ताल के दायरे में रहे।
शहर में मस्जिद समेत 52 स्थानों पर बिजली चोरी से परदा उठाने के साथ टीम ने मोहल्ला रायसत्ती, ठंडी कोठी इलाके में कटिया डालकर बिजली चोरी करने वाले भी पकड़े। हो रहा था, निगम इसकी गणना कर रहा है। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि संभल और चंदौसी डिवीजन में जगह-जगह छापे मारे गए। एक स्थान पर चोरी की बिजली से चार ई-रिक्शा चार्ज होते मिले।एसई ने बताया कि पूरे जनपद में चार घंटे से अधिक की जांच में संभल शहर समेत चंदौसी, बबराला व अन्य कस्बों में 101 स्थानों पर बिजली चोरी के मामले उजागर हुए हैं।
सभी के लोड का आकलन किया जा रहा है। जुर्माना तय करके सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। चंदौसी डिवीजन में 29 और बबराला में 20 स्थानों पर चोरी। चंदौसी शहर के मोहल्ला कुरैशियान और गांव मझोला में 29 मामले बिजली चोरी के पकड़े गए हैं। वहीं, बबराला डिवीजन के जुनावई, रजपुरा और गवां में चेकिंग के दौरान 20 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी है। एसई ने बताया कि सभी के खिलाफ जुर्माने का आकलन और एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
उजाला होने से पहले ही मारे छापे
बिजली निगम की टीमों ने सुबह छह बजे जब अभियान शुरू किया तो उस समय अंधेरा ही था। कड़ी सर्दी के कारण अधिकांश जगह लोग उठे भी नहीं थे। कुछ जगह टीमों की दस्तक पर लोग जागे और दरवाजे खुले। दिन निकल आने पर लोग जुटने लगे और टीम जहां जाती, वहीं भीड़ लग जाती थी।
खास डिवाइस लगाकर की जा रही थी बिजली चोरी…
बिजली निगम के जेई बीके गंगल ने बताया कि दीपासराय क्षेत्र के दीवानखाना में एक बड़े मकान में बिजली चोरी के लिए पूरा सेटअप तैयार किया गया था। उपकरण और डिवाइस की मदद से अलग-अलग कमरों में चोरी की बिजली इस्तेमाल की जा रही थी। काफी प्रयास के बाद भी कमरों के दरवाजे नहीं खोले गए। एक बुजुर्ग सामने आए और तबीयत खराब बताने पर टीम ने जबरदस्ती नहीं की।
दिसंबर 2024 में भी बिजली निगम और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने सघन चेकिंग अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास पर भी चेकिंग हुई थी। मौके पर बिजली निगम को बिजली चोरी मिली और मीटर से छेड़खानी भी। जब बिजली निगम ने जुर्माना लगाया तो वह 1.91 करोड़ रुपये बना। एक्सईएन के यहां उनके मामले की सुनवाई हुई लेकिन अंतिम रिपोर्ट बनने के बाद सांसद अपने जुर्माने को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने 6.50 लाख रुपये जमा कर सांसद के आवास का कनेक्शन जोड़ने के आदेश किए थे। सांसद ने जब रुपये जमा कराए तो उसके बाद से कनेक्शन जोड़ा गया। अभी बकाया जुर्माने का मामला लंबित चल रहा है।
छतों पर दौड़े लोग, ड्रोन कैमरा देखकर ठिठके
संभल के जिस मोहल्ले में भी बिजली निगम की टीम चेकिंग के लिए पहुंची। वहां पहले ड्रोन से निगरानी की गई। सूचना पर कटिया कनेक्शन से बिजली चोरी करने वाले लोग छतों की ओर भागे लेकिन जब ड्रोन कैमरा देखा तो ठिठक गए। कई लोगाें ने तार हटा भी लिए लेकिन कैमरे में कैद हुए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि एहतियाती तौर पर सुरक्षा के लिहाज से भी ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया। इससे कटिया कनेक्शन करने वाले लोग भी कैद हो गए। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
दिसंबर 2024 में एक मदरसे व चार मस्जिदों में पकड़ी गई थी बिजली चोरी
14 दिसंबर 2024 को पुलिस-प्रशासन के साथ बिजली निगम की टीमों ने चेकिंग अभियान चलाया था। जिसमें पांच मस्जिद व एक मदरसे में बिजली चोरी पकड़ी गई थी। यह मस्जिद दीपा सराय, महमूद खां सराय, खग्गू सराय और मोहल्ला रायसत्ती में स्थित मदरसा है। इन मस्जिद और मदरसों में पकड़ी गई बिजली चोरी पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया था। दीपा सराय की मस्जिद से तो दूुसरे लोगों ने भी लाइन को जोड़ रखा था। मतलब मस्जिद के नाम पर लोग भी बिजली चोरी कर रहे थे। बिजली निगम की कार्रवाई के बाद लाइनलॉस कम हो गया था लेकिन अब फिर बढ़ा तो बिजली निगम की टीम ने चेकिंग अभियान शुरू किया है। बिजली चोरी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही हैं। टीमें जुर्माने का आकलन कर रही हैं। मंगलवार तक जुर्माना स्पष्ट हो जाएगा। चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। – हिमांशु वार्ष्णेय, अधीक्षण अभियंता (एसई), संभल

