प्रतापगढ़ में हाई-वे पर 3 बदमाशों ने रोकी कार, रास्ता पूंछने के बहाने कार का शीशा खुलवाया और पिस्टल सटाकर सर्राफा कारोबारी से चांदी व नकदी मिलाकर 17 लाख लूटकर हो गये फरार

लुटेरों ने पिस्टल सटाकर 3 किलो चांदी और 9 लाख की नकदी तो लूट ली, पर कार की सीट के नीचे 4 किलो चांदी पर नहीं पड़ सकी नजर…
Khulasaindia News Network: प्रतापगढ़ में नकाबपोश बदमाशों ने सर्राफा कारोबारी से पिस्तौल सटाकर 17 लाख रुपए की लूट कर ली। बाइक सवार बदमाशों ने जेवर-नगद से भरा बैग छीन लिया। जिसमें करीब 9 लाख, 60 हजार रुपए नकद और लगभग 3 किलो चांदी थी। सर्राफा कारोबारी प्रयागराज से एक व्यापारी से मुलाकात करके और 7 किलो चांदी खरीदकर अपने घर अमेठी लौट रहे थे। कार में उनके साथ उनका एक दोस्त और ड्राइवर भी मौजूद था। तभी बीच रास्ते में प्रयागराज-अयोध्या हाई-वे पर उन्हें लूट लिया गया।
इनकम टैक्स के डर से नहीं दी, शुरूआत में पुलिस को सूचना
घटना के 40 मिनट तक पीड़ित रितेश मौर्या ने इनकम टैक्स के डर से लूट की घटना के प्रारम्भ में पुलिस को करीब 40 मिनट तक कोई सूचना ही नहीं दी। हाइवे पेट्रोलिंग टीम ने व्यापारी को रोड किनारे बदहवास, परेशान हालत में देखा तो पूछताछ की। इसके बाद बाद व्यापारी ने लूट की पूरी कहानी बताई। पुलिस ने कार की जांच की तो सीट के नीचे 4 किलो चांदी छिपी हुई मिली। फिलहाल व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हाइवे पर लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं, ताकि लुटेरों का कोई सुराग मिल सके। घटना जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर प्रयागराज–अयोध्या हाईवे पर देल्हूपुर थाना क्षेत्र की है।
हाई-वे पर लूट की पूरी कहानी
अमेठी के ज्ञानीपुर गांव निवासी रितेश मौर्या की प्रयागराज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगंज बाजार में सर्राफा दुकान है। वे शुक्रवार को अपने दोस्त विकास सोनी और ड्राइवर के साथ प्रयागराज एक कारोबारी से मिलने के लिए गए थे। वहां उन्होंने कुल 7 किलो चांदी खरीदी। चांदी खरीदने के बाद अपनी कार से घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रतापगढ़ में प्रयागराज–अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग- 330 पर के देल्हुपुर थाना क्षेत्र में गजहेड़ा जंगल के पास एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक किया। बदमाशों ने आगे जाकर बीच रोड पर बाइक लगाकर कार को रोक लिया।
रास्ता पूंछने के बहाने बदमाशों ने रुकवाई थी, आभूषण ब्यापारी की कार
कार रुकते ही बाद बदमाश कार के पास आए और रास्ता पूछने के बहाने शीशा खुलवाया। शीशा खुलते हुए बदमाशों ने रितेश मौर्या के छाती से पिस्टल सटा दी और कार में रखा जेवर-नगद से भरा हुआ बैग लूट लिया। रितेश और विकास ने विरोध करने की कोशिश की तो बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश बैग लेकर भाग निकले। रितेश ने बताया कि दो बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि तीसरे ने मुंह पर गमछा बांध रखा था। जिसकी वजह से उनकी पहचान नहीं हो सकी। फ़िलहाल रितेश मौर्या की दुकान रामगंज बाज़ार में है और वह ज्ञानीपुर का रहने वाला है। ऐसे में वह रात में अँधेरे में लुटेरों को पहचान भी नहीं सकता था।
पुलिस द्वारा खंगाले जा रहे, सीसीटीवी फुटेज
लूट की घटना के प्रारम्भ में पुलिस को आभूषण ब्यवसाई रितेश मौर्या लगभग 40 मिनट तक कोई सूचना ही नहीं दी। इसी दौरान करीब 9:15 बजे वहां से गुजर रही हाई-वे पेट्रोलिंग टीम ने रितेश मौर्या को सड़क पर बदहवास खड़े देखा। पास जाकर पूछताछ की तो रितेश ने लूट की पूरी कहानी बताई। सूचना मिलते ही एसपी दीपक भूकर, एएसपी (पूर्वी) शैलेंद्र लाल, सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा समेत कई थानों की पुलिस और एसओजी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार की जांच की तो अगली सीट के नीचे 4 किलो चांदी छिपी हुई मिली, जिस पर बदमाशों की नजर नहीं पड़ी, अन्यथा उस पर भी हाथ साफ कर लिए होते।
चेकिंग के डर से पकड़ा जंगल का सुनसान रास्ता, जिसकी वजह से हुई लूट की घटना
पुलिस ने बताया कि व्यापारी के साथ लूटपाट हाई-वे से सटे जंगल के इलाके में हुई। दरअसल वे मुख्य हाई-वे से होकर जा सकते थे। पर कार में अधिक मात्रा में चांदी और नगद था। हाई-वे पर चेकिंग से बचने और संभवत: टोल बचाने के लिए उन्होंने जंगल का शॉर्टकट रास्ता चुना। जिसके कारण लुटेरे आराम से लूटपाट करके फरार हो गए। सवाल यह उठता है कि एक आभूषण का ब्यापारी कितनी मात्रा में सोने व चांदी की खरीददारी कर सकता है ? क्या इसके लिए आभूषण ब्यापारी को लाईसेंस दिया जाता है ? यदि लाइसेंस दिया जाता है तो क्या रितेश मौर्या के पास इतनी भारी मात्रा में चांदी की खरीददारी करने का लाईसेंस था ?
एसपी ने घटना का खुलासा हेतु पुलिस की चार टीमों का किया है,गठन
ASP शैलेंद्र लाल ने बताया कि व्यापारी की तहरीर के आधार पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने हाई-वे और संपर्क मार्गों पर चेकिंग तेज कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस देर रात तक मौके पर जांच-पड़ताल करती रही, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। फ़िलहाल 17 लाख की लूट की घटना ने प्रतापगढ़ पुलिस के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है।