खतौनी में दर्ज हुआ एसडीएम सदर नैन्सी सिंह का ऐतिहासिक फैसला, कूटरचित प्रविष्टि के दोषियों पर अब मुकदमा लिखा जाना शेष

झूठ और फरेब का हुआ अंत, भूमाफियाओं की नहीं गल सकी दाल…
प्रतापगढ़। जिला पंचायत सदस्य इंद्रदेव तिवारी का प्रयास सफल रहा। विगत एक माह से वह राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परिक्रमा लगातार कर रहे थे। वह पूरी तरह धैर्य का परिचय देते हुए अपनी कानूनी लड़ाई को पूरी दृढ़ता के साथ लड़ते रहे। सबसे पहले उन्होंने अपनी पीड़ा प्रेस कांफ्रेंस के जरिये मीडिया के समक्ष ब्यक्त किया था।
कटरा रोड़ पर विकास भवन से पहले आईटीआई कालेज के सामने बेसकीमती भूमि पर अवैध प्लॉटिंग को लेकर जिला पंचायत सदस्य इंद्रदेव तिवारी ने जिलाधिकारी एवं मुख्य राजस्व अधिकारी सहित एसडीएम सदर से सवाल दागना शुरू किया तो शुरूआत में उन्हें कहा गया कि वह सिविल कोर्ट में अपना पक्ष रखें, परन्तु इंद्रदेव तिवारी सभी अधिकारियों से यही कहते रहे कि कूट रचना करके फेंक आदेश तो तत्कालीन एसडीएम सदर ने किया हैं।
जिला पंचायत सदस्य इंद्रदेव तिवारी ने विवादित भूमि का एक वीडियो अपने फेसबुक आईडी पर पोस्ट करके कई संगीन आरोप लगाये थे। उनका आरोप था कि जनपद के अपराधी जो भूमाफियाओं के सिण्डिकेट का हिस्सा हैं, वे आईटीआई के सामने उनके बैनामे की भूमि पर जबरन कब्जा करके उसकी प्लाटिंग करके उसे करोड़ों रूपये में बेंचना चाहते हैं।
भू-माफिया और राजस्व कर्मियों के सिंडिकेट द्वारा उनके बैनामें की ज़मीन को गुंडई वो सरहंगई के बल पर कागजातों में कूट रचना करके प्लाटिंग करके उसे बेंचने की तैयारी है। उनकी बात सही निकली और दो बैनामा उक्त भूमि का अपने खास लोगों के नाम कर दिया गया। जो बैनामा हुआ वह कंडीशनल किया गया। दोनों बैनामें 45 लाख रूपये में तय करके सिर्फ 5 लाख लेनदेन दिखाकर किया गया और 40 लाख रूपये बाकी दिखाया गया है। शेष धन निर्धारित समय की भीतर अदा करके उसकी रसीद लिखाने की बात बैनामें में ही लिखी गई है।
सदर तहसील की खतौनी में पूर्व एसडीएम सदर उदय भान सिंह के आदेश दिनांक- 21/09/2024 को वर्तमान एसडीएम सदर नैंसी सिंह ने अपने आदेश दिनांक- 19/02/2026 के जरिये शून्य कर दिया है जो आज जरिये परवाना खतौनी में दर्ज कर लिया गया। वर्तमान आदेश दर्ज होते ही पूर्व आदेश शून्य हो गया। ऐसे ने कूट रचना करके चन्द्रनाथ सिंह ने अपने नाम दर्ज कराकर उसे दो लोगों के हाथ बैनामा कर दिया है। सवाल उठता है कि ऐसे में अब चन्द्रनाथ का बैनामा शून्य हो जायेगा तो उनके क्रेताओं का भविष्य क्या होगा ? अब तो चन्द्रनाथ सिंह के बुरे दिन शुरू हो गए। यदि आपराधिक मुकदमा लिखा गया तो जेल भी जा सकते हैं।