अति जर्जर जीर्ण-शीर्ण भवन को किरायेदारे द्वारा न खाली करने से घटित हो सकती है, बड़ी घटना

तू डाल-डाल तो मैं पात-पात की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं, भवन स्वामी और किरायेदार…
प्रतापगढ़। मकन्द्रूगंज पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत चौक-कचेहरी मार्ग पर फलमंडी गेट के सामने खान मार्किट में प्रभात लाइट हाउस की दुकान का छत 3/4 अक्टूबर, 2025 को रात में भर भराकर गिर गया और दुकान न खाली करना पड़े, इसलिए भवन स्वामी और उनके बच्चों एवं भाई के ऊपर चोरी का मुकदमा कई दिन बाद दर्ज कराया गया। किरायेदार किसी भी कीमत पर जर्जर भवन खाली करने को तैयार नहीं हैं। उसके लिए वह तरह-तरह की पैतरेबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सिविल मामले को क्रिमिनल बनाकर भवन स्वामी और उनके परिवार को उलझाना चाहते हैं। ताकि वह सब उसमें उलझ जाएं और उनकी दुकान खाली न हो सके।
भवन स्वामी मतीन द्वारा जनसुनवाई संख्या- 20017323021237 के द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी, जिसमें नगरपालिका परिषद् बेला प्रतापगढ़ द्वारा पत्रांक संख्या- 830/न. पा. परि.-2023/आईजीआरएस दिनांक- 19/10/2023 में अधिशासी अधिकारी द्वारा जांच कर जो रिपोर्ट लगाई, उसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि अतिक्रमण अधिकारी की आख्यानुसार संदर्भित स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण करने के बाद नगरपालिका द्वारा दी गई हिदायत को भी किरायेदार सुनने को तैयार नहीं हुए और मामले को उलझाने रखने में ही किरायेदार अपनी भलाई समझे।

दुकान न खाली करनी पड़े, इसके लिए हर हथकंडा अपना रहा है, किरायेदार…
किरायेदार को एक सप्ताह के अंदर खाली करने के लिए निर्देश दिए गए। अन्यथा की दशा में किरायेदार स्वयं जिम्मेदार होगा। भवन अति जर्जर और जीर्ण शीर्ण दशा में है। भवन स्वामी जिलाधिकारी महोदय को भी दिनांक-30/09/202023 को प्रार्थना पत्र देकर भवन खाली कराने का अनुरोध किया था, जिस पर जिलाधिकारी महोदय ने आदेश दिया था कि एसडीएम सदर जांच आख्या दें एवं आवशयक कार्यवाही करें। परन्तु तहसील सदर से राजस्व टीम ने अपनी आख्या में सभी जिम्मेदारी नगरपालिका के कंधे पर डालकर अपने दायित्वों से इतिश्री कर ली।
इस देश में गजब की ब्यवस्था है l जब तक बड़ी घटना घटित नहीं होती तब तक जिम्मेदार लोग के कान में जूं तक नहीं रेंगती। हमारे देश में वास्तव में गजब का मजाक किया जाता है। अभी उक्त जर्जर भवन दिन में गिर जाए तो उसमें कम से कम एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गंवा देंगे, क्योंकि दिन में खान मार्किट में कम से कम 30 से 50 लोग हमेशा बने रहते हैं। ऐसे में जर्जर भवन के गिरने से यदि जनहानि होती है तो क्या जिला प्रशासन नगरपालिका को जिम्मेदार बताकर अपनी जिम्मेदारियों से फुर्सत हो सकेगा ? फिर भी जिला प्रशासन गांधी जी के तीन बंदर सरीखे बना हुआ है l यदि जर्जर भवन गिरने से जनहानि होती है तो किरायेदार और जिला प्रशासन दोनों जिम्मेदार होंगे।