उत्तरप्रदेशलखनऊ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा खेल! उम्र बदली-रिश्ता छिपाया, 52 साल की महिला और तीन बच्चों की मां ने खुद को बताया 21 साल की कुंवारी By Pratibha Rajdar Last updated Jul 24, 2026 26 गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ पाने के लिए शादीशुदा और अधेड़ महिलाएं तक कुंवारी बन गईं। एक नाबालिग बालिका का भी आवेदन किया गया। इनमें फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तक लगाए गए। समाज कल्याण विभाग और तहसील प्रशासन के संयुक्त सत्यापन में 115 से अधिक आवेदन इस प्रकार के पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है। अब यह जांच की जा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और आवेदन कराने में किन लोगों की भूमिका रही हैं। इस मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। 52 की उम्र में बनीं 21 साल की युवती शामली ब्लॉक के खेड़ी गांव निवासी 52 वर्षीय सोनिया ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर खुद को 21 वर्षीय युवती दर्शाते हुए आवेदन किया। तहसील स्तर पर सत्यापन हुआ तो उसकी वास्तविक उम्र और वैवाहिक स्थिति सामने आ गई। इसके बाद आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया गया। तीन बच्चों की मां बन गई अविवाहित इस्सोपुर निवासी 37 वर्षीय गुलशाना ने सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं को अविवाहित बताया। जांच में पता चला कि वह शादीशुदा है और तीन बच्चों की मां है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उसका आवेदन भी खारिज कर दिया गया। 40 वर्षीय महिला ने छिपाई शादी खुरगान निवासी 40 वर्षीय रुकसाना ने आवेदन में खुद को अविवाहित बताया। सत्यापन के दौरान उसकी शादीशुदा होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदन निरस्त कर दिया।13 वर्षीय नाबालिग को बना दिया बालिग कैराना क्षेत्र में 13 वर्षीय बालिका को बालिग दर्शाकर सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन किया गया। दस्तावेजों की जांच में उसकी वास्तविक आयु सामने आने पर आवेदन निरस्त कर दिया गया। 506 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह जिले में इस बार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 506 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित है। 27 जुलाई को थानाभवन में 110, 28 जुलाई को ऊन में 116 और 30 जुलाई को शामली ब्लॉक में 118 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। कांधला और कैराना ब्लॉक के कार्यक्रम की तिथि जल्द घोषित होगी। क्या है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना? आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित इस योजना में सरकार प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च करती है। इसमें 64 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में, 21 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान तथा 15 हजार रुपये विवाह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।योजना का लाभ केवल पात्र, अविवाहित और निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाली युवतियों को ही मिलता है। वधू की आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। सामूहिक विवाह योजना के तहत सत्यापन चल रहा है। फर्जीवाड़ा करने वालों के आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। फर्जीवाड़ा में शामिल और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में शामिल रहे लोगों की तलाश कराई जाएगी। -आलोक यादव, जिलाधिकारी सत्यापन में अधेड़, शादीशुदा महिलाओं और नाबालिग के आवेदन मिले हैं। सभी अपात्र आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। अब यह जांच की जा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और आवेदन कराने में किन लोगों की भूमिका रही। -धर्मेंद्र कुमार, प्रभारी खंड विकास अधिकारी और एआर कॉपरेटिव समाचार 26 Share