पानी से भरे गड्ढे में गिरी युवती, युवक ने बचाई जान; सोशल मीडिया से मिला परिवार
प्रतापगढ़। शनिवार शाम सदहा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे से गुजर रही एक युवती अचानक बेहोश होकर पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। युवती को गड्ढे में गिरता देख मौके पर मौजूद लोगों ने बिना देर किए उसे बाहर निकाला। सत्यम तिवारी और अभिषेक ने गड्ढे में उतरकर युवती की जान बचाई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसे इलाज के लिए सीएचसी पट्टी भेजा गया।
सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि युवती की हालत ऐसी थी कि वह कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी और उसकी पहचान भी नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने अस्पताल में उसके इलाज के साथ-साथ परिवार की तलाश शुरू की। पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया और युवती की फोटो साझा कर लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील की गई।
अचानक बेहोश हुई और सीधे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी
घटना शनिवार दोपहर/शाम सदहा गांव के पास की है। युवती सड़क से पैदल गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक वह अचेत हुई और सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।
गड्ढे में गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद सत्यम तिवारी और अभिषेक ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गड्ढे में उतरकर युवती को बाहर निकाला। सत्यम ने इसके बाद यूपी 112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को इलाज के लिए सेठ पन्नालाल खंडेलवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी पहुंचाया।
अगर मौके पर मौजूद लोगों ने समय रहते युवती को बाहर नहीं निकाला होता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
अस्पताल पहुंची पुलिस, पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती
अस्पताल पहुंचने के बाद भी युवती की पहचान नहीं हो सकी। वह होश में नहीं थी और उसके पास ऐसी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी, जिससे उसके घरवालों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की। चौकी इंचार्ज अतुल यादव ने युवती की पहचान कराने के लिए सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर साझा की और लोगों से पहचान बताने की अपील की।
पुलिस की यह कोशिश आखिरकार रंग लाई।
सोशल मीडिया पर फोटो डाली, करीब 16 घंटे में परिवार का पता चला
रविवार सुबह करीब 8 बजे युवती का भाई लक्ष्मण वर्मा सीएचसी पट्टी पहुंचा। उसने अस्पताल में भर्ती युवती को देखते ही उसकी पहचान अपनी बहन सपना वर्मा के रूप में की।
यानी शनिवार की घटना के बाद करीब 16 घंटे के भीतर पुलिस युवती के परिवार तक पहुंचने में सफल रही।
परिवार के लिए यह पल किसी बड़ी राहत से कम नहीं था। एक तरफ सपना के अचानक घर से चले जाने के बाद परिवार उसकी तलाश कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वह सुरक्षित अस्पताल तक पहुंच गई।
सात साल से चल रहा था इलाज
सपना के भाई लक्ष्मण वर्मा ने पुलिस को बताया कि सपना करीब सात साल से मानसिक बीमारी से जूझ रही है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार को वह परिवार को बिना बताए घर से निकल गई थी।
परिजनों ने उसकी तलाश भी की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सदहा में उसके गड्ढे में गिरने की घटना हुई और समय रहते लोगों ने उसे बचा लिया।
पुलिस की सोशल मीडिया पहल बनी मददगार
इस पूरे मामले में एक तरफ स्थानीय लोगों की तत्परता ने युवती की जान बचाई, तो दूसरी तरफ पुलिस की सोशल मीडिया पहल उसके परिवार तक पहुंचने में अहम साबित हुई।
युवती की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। लोगों तक तस्वीर पहुंची और आखिरकार परिवार को इसकी जानकारी मिली। रविवार सुबह भाई अस्पताल पहुंचा और जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद सपना को उसके सुपुर्द कर दिया गया।
परिवार ने सभी का जताया आभार
सपना के परिवार ने उसकी जान बचाने वाले सत्यम तिवारी और अभिषेक के साथ पुलिसकर्मियों तथा इलाज के दौरान मदद करने वाले स्थानीय लोगों का आभार जताया।
एक युवती का अचानक बेहोश होकर पानी से भरे गड्ढे में गिरना, फिर अनजान लोगों का उसे समय रहते बाहर निकालना और अंत में सोशल मीडिया के जरिए महज कुछ घंटों में उसके परिवार का पता चल जाना—पूरी घटना में स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता ने अहम भूमिका निभाई।