होर्मुज बंद होने से सबसे अधिक फायदा अमेरिका को,चौंकाने वाला दिग्गज का दावा,दें दी बड़ी चेतावनी
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण अमेरिकी एनर्जी कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन ने शनिवार को चौंकाने वाला दावा किया है।सेचिन ने चेतावनी दी कि इस अहम शिपिंग रूट में लंबे समय तक रुकावट से ग्लोबल ऑयल की मांग कम हो सकती है। इससे वैकल्पिक एनर्जी सोर्स में दिलचस्पी बढ़ने के आसार हैं।
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में इगोर सेचिन ने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते के बंद होने से एनर्जी मार्केट में ऐसे बदलाव आए हैं,जिनसे अमेरिका को फायदा हुआ है।होर्मुज के रास्ते बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है।सेचिन ने कहा कि जाहिर है,इसका सबसे ज्यादा फायदा अमेरिकी कंपनियों को हुआ,जिन्हें बिना किसी कॉम्पिटिशन के फायदे मिले और महंगी सप्लाई हासिल करने की क्षमता मिली।
इगोर सेचिन ने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने को अमेरिका को फायदा पहुंचाने के लिए ग्लोबल एनर्जी मार्केट के नियमों को बदलने की कोशिश’ बताया।सेचिन ने कहा कि ईरान को निशाना बनाने के लिए उठाए गए कदमों का पूरी दुनिया पर उल्टा असर पड़ा। इससे जुड़े रणनीतिक जोखिमों को कम करके आंका गया।सेचिन ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लगातार अस्थिरता से ग्लोबल एनर्जी सेक्टर पर बड़े असर पड़ सकते हैं।कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक तनाव रहने से तेल की लॉन्ग-टर्म मांग कम हो सकती है। इससे वैकल्पिक एनर्जी में दिलचस्पी भी बढ़ सकती है।
बता दें कि ये प्रतिक्रियाएं तब आई हैं,जब फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया था,जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर दी थी।
इगोर सेचिन ने कहा कि अगर निकट भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलता है तो ऑयल की कीमतें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने अनुमान लगाया कि इस साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें 95-96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेंगी।एक साल के भीतर गिरकर 80-85 डॉलर प्रति बैरल हो जाएंगी। 2027 की दूसरी छमाही तक मार्केट के सामान्य हालात पर लौट आएंगी।
इगोर सेचिन ने कहा कि चीन इस संकट के लिए ज्यादातर देशों की तुलना में बेहतर ढंग से तैयार दिख रहा है। इसकी वजह उसकी अच्छी तरह से योजनाबद्ध सरकारी नीति है। हालांकि,सेचिन चेतावनी दी कि समुद्र के दूसरे अहम रास्तों (चोकपॉइंट्स) -जैसे मलक्का,बाब अल-मंदेब और जिब्राल्टर स्ट्रेट – पर भी रुकावट का खतरा हो सकता है।
अंत की शुरुआत या शुरुआत का अंत:पंडोरा बॉक्स में आखिर क्या बचा है नाम के शीर्षक वाली स्पीच में इगोर सेचिन ने कहा कि दुनिया बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही है,इनमें सैन्यीकरण,वित्तीय बाजार के जोखिम और जरूरी संसाधनों की संभावित कमी शामिल है।सेचिन ने कहा कि बक्से के तल में हमें निश्चित रूप से बिजली,भोजन,तांबे और अन्य धातुओं व पानी की वैश्विक कमी देखने को मिलेगी।
रॉयटर्स के मुताबिक इगोर सेचिन ने OPEC+ समूह की प्रभावशीलता पर भी चिंता जताई।सेचिन ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर जैसे देशों के बाहर निकलने के बाद इस समूह की क्षमता का कुछ हिस्सा कम हो गया है।पिछले दशक में गठबंधन का उत्पादन 58 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर 37 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है।
सेचिन ने कहा कि 2016 में समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से जहां ज्यादातर प्रमुख OPEC+ सदस्यों ने उत्पादन बढ़ाया है। वहीं रूस का तेल उत्पादन 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम हुआ है।सेचिन ने कहा कि यह 15 फीसदी की गिरावट है, जिसकी भरपाई के लिए कम से कम 10 ट्रिलियन रूबल के जरूरी निवेश की आवश्यकता होगी।आगे कहा कि रूस भविष्य में OPEC+ सदस्य देशों के साथ निवेश के मामले में बेहतर सहयोग की उम्मीद करता है।