सरकार ने पेट्रोल पंप के लिए लागू किया नियम,अब एक दिन में मिलेगा 200 लीटर डीजल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने तेल को लेकर नया आदेश जारी कर दिया है।नए नियमों के मुताबिक थोक में तेल खरीदने वाले ग्राहक अब रिटेल पंप से तेल नहीं खरीद पाएंगे। वहीं एक गाड़ी अब अधिकतम 200 लीटर डीजल एक दिन में खरीद सकती है। तेल कंपनियों को हो रहे घाटे को देखते हुए यह फैसला केंद्र सरकार ने लिया है।
बता दें कि ईरान-अमेरिका में समझौते की खबर की से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल का रेट 86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। एक समय ऐसा भी था जब कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज शनिवार कोई बदलाव नहीं किया गया है। कीमतें पुराने स्तर पर बरकरार हैं।
कौन-कौन नहीं खरीद पाएंगे रिटेल पंप से पेट्रोल और डीजल
11 जून को सरकार ने ईसीए के तहत इंडस्ट्रीयल और कॉमर्शियल ग्राहकों को रिटेल पंप से तेल खरीदने पर रोक लगा दी है।इन सभी लोगों को अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए कंज्यूमर पंपों से तेल खरीदने का निर्देश दिया गया है। इस लिस्ट में राज्य सरकारों का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट,आईटी पार्क,मॉल,इंडस्ट्रीयल यूनिट आदि शामिल है।
क्यों लिया गया है यह फैसला
नए आदेश में सबसे ज्यादा कड़ाई डीजल की बिक्री पर ही लगायी गयी है। यह आदेश अधिकतम 90 दिनों तक रहेगा। इस आदेश के बाद अधिकारियों को कहना है कि सही व्यक्ति तक तेल पहुंचे इसलिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा पंप प्राइस और बल्क फ्यूल प्राइस की वजह से ऑटो फ्यूल डायवर्जन को भी रोकने के लिए यह फैसला लेना पड़ा है। बता दें कि दिल्ली में डीजल की कीमत 95.20 रुपये है। और बल्क में इसकी कीमत 134.50 रुपये है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट
भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत कच्चा तेल बाहर से आयात करता है।अमेरिका और ईरान यु्द्ध से कीमतें अधिक होने के कारण भारत को इंपोर्ट बिल बढ़ गया है।अमेरिका और ईरान के युद्ध से पहले कच्चे तेल का दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था। एक समय है 110 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गया। हालांकि एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। कल क्रूड ऑयल का रेट 86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था।इस महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी तेल कंपनियों ने नहीं की है। इससे पहले मई के महीने में घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की गयी थी,जिसके बाद कीमतें करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर महंगी हो गई हैं।