भतीजे को पाने के लिए मार डाला पति; दो साल से सगी चाची से थे संबंध, दोनों रहना चाहते थे साथ
चाचा की मौत के बाद से करन सिंह की 12 वर्षीय पुत्री गुमसुम रहने लगी। बुधवार को जब परिजनों ने उससे गुमसुम रहने का कारण पूछा तो उसने कहा कि ओमपाल चाचा की हत्या की गई है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यहां के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव परतापुर में एक पत्नी ने ही अपने सगे भतीजे के साथ मिलकर पति की हत्या कर डाली। आठ सितंबर की रात को हुई ओमपाल की मौत ने तब नया मोड़ ले लिया, जब उनकी भतीजी ने दो दिन बाद बुधवार को परिजनों से कहा कि चाचा की हत्या चाची और ताऊ के बेटे ने मिलकर की है। जिसके बाद मृतक ओमपाल के भाई ने थाने पर मृतक की पत्नी व बड़े भाई के पुत्र के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों नामजद को जब हिरासत में लिया तो उन्होंने हत्या करने की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है
दो साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग

हत्यारोपी प्रीति और भतीजा अभय,(फाइल फोटो)
यह है मामला
चाचा की मौत के बाद गुमसुम रहने लगी थी बच्ची

भतीजे को पाने के लिए पति को मार डाला,(फोटो)
अक्सर चाचा के साथ सो जाया करती थी बच्ची
मामले में बच्ची द्वारा अपने परिजनों को हत्या की जानकारी दी गई। वह आए दिन अपने चाचा ओमपाल के घर शाम को खेलते हुए सो जाया करती थी। उस दिन भी वह देर शाम होने पर खाना खाकर वहीं सो गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि रात में उसने ओमपाल की हत्या करते हुए चाची व ताऊ के लड़के को देखा। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों से पूछताछ में भी प्रेम प्रसंग के चलते हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
अभय और प्रीति की घिनौनी साजिश से लोगों में रोष
12 वर्षीय बच्ची की बहादुरी की चर्चा पूरे गांव में हो रही है। जहां एक तरफ लोग इस मासूम की समझदारी की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीति और अभय के रिश्ते और इस घिनौनी साजिश को लेकर रोष व्याप्त है।
पुलिस ने बताया कि जब आरोपियों से पूछताछ की तो उन्हें लगा कि ओमपाल की दोनों बेटी और भतीजी तीनों सो रहे हैं। लेकिन, उन्हें इसका जरा भी एहसास नहीं था कि भतीजी ने पूरी वारदात को अंजाम देते हुए देख लिया है। यदि, बच्ची इस बात को अपने परिजनों को नहीं बताती तो संभव है कि कभी भी ओमपाल की हत्या का राज नहीं खुल पाता।