लाल जूता और हेलमेट के जरिए दोनों शूटरों तक पहुंची एसटीएफ की टीम
बरेली। फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों तक पहुंचने में बरेली पुलिस से मिले क्लू आरोपी का लाल जूता समेत हेलमेट ने मुख्य भूमिका निभाई। इन्हीं क्लू के सहारे दोनों बदमाशों कहनी रोहतक निवासी मुख्य शूटर रविन्द्र और इंडियन कॉलोनी गोहना रोड सोनीपत के अरुण को नोएडा एसटीएफ और दिल्ली की सीआई यूनिट के संयुक्त ऑपरेशन में बुधवार की शाम गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस वारदात में शामिल मोहल्ला लोहड़ा बागपत निवासी नकुल और वजीरपुर बागपत के विजय तोमर की तलाश पुलिस टीम कर रही है। चारों पर एडीजी रमित शर्मा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शूटरों को पाताल से खोज निकालने का पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था। फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के सिविल लाइन्स के चौपला स्थित आवास पर 12 सितंबर की सुबह 3.30 बजे फायरिंग हुई थी। बाइक से आए दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दहशत फैलाई थी।
इसके बाद बदमाश फरार हो गए थे। वारदात के समय दिशा पाटनी के पिता और रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी, उनकी मां पद्मा पाटनी और बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी घर पर मौजूद थीं, जबकि दिशा पाटनी उस समय विदेश में थीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य समेत आला अफसर मौके पर पहुंचे थे। पुलिस को फिल्म अभिनेत्री के घर के बाहर से कई खाली कारतूस बरामद हुए थे। फेसबुक पोस्ट के जरिये फायरिंग की जिम्मेदारी रोहित गोदारा और गोल्डी बरार गैंग ने ली थी। फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि संत प्रेमानंद महाराज और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज पर की गई टिप्पणी से नाराज होकर फायरिंग की गई है। यह सिर्फ ट्रेलर है। अगली बार ऐसी हरकत दोहराई गई तो किसी को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी से बात करके घटना की जानकारी लेने के साथ ही उन्हें आश्वस्त किया था कि फायरिंग करने वाले बदमाशों को पाताल से खोज निकाला जाएगा।
गलत घर पर हुई फायरिंग के बाद दोबारा से बरसाई थी गोलियां
एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य शूटर रविन्द्र और इंडियन कॉलोनी गोहना रोड सोनीपत के अरुण को मार गिराया है। इन दोनों के 12 सितंबर को फायरिंग करने से एक दिन पहले 11 सितंबर को हीरो स्पेलेंडर बाइक से मोहल्ला लोहड़ा बागपत निवासी नकुल और वजीरपुर बागपत के विजय तोमर पहुंचे थे। दोनों ने हवा में गोली चलाते हुए बगल वाले घर पर फायरिंग की थी। लेकिन, इनका मैसेज कनवे न होने पर दोबारा से अगले दिन मुख्य शूटर रविन्द्र अपने साथी अरुण के साथ पहुंचा था। जहां पर शूटर रविन्द्र ने पहुंचते ही गोलियां बरसाई थीं। साथ ही पाटनी परिवार को धमकी दी थी कि दोबारा से ऐसी कोई हरकत की तो जान से मार दिया जाएगा।
पुलिस को इस तरह से मिलने शुरू हुए क्लू
पुलिस ने 12 सितंबर वाली घटना के बाद जब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालना शुरू किया तो देर रात अपाचे आने की पुष्टि हुई। इसके बाद आगे कैमरे खंगाले गए तो पता चला कि एक दिन पहले भी हीरो स्पेलेंडर से दो बदमाश आए थे। स्पेलेंडर के दोनों शीशे लगे हुए थे, जबकि, आमतौर पर बदमाश शीशे उतार देते हैं। चौपला के पास 4.32 पर तड़के बाइक सवार दोनों दिखाई दिए। इसके बाद झुमका तिराहे पर 5:33 पर दिखाई दिए। फिर फतेहगंज टोल प्लाजा पर 5:39 पर, मिलक रामपुर मंदिर के पास 6:48 पर कैमरे में कैद हुए। वहीं से बरेली पुलिस ने कड़ी जोड़नी शुरू की।
रांग साइड से रामपुर से झुमका तिराहा की ओर आते दिखे शूटर
11 सितंबर को फायरिंग के बाद सफेद अपाचे से रविन्द्र और अरुण 5 बजे रामपुर की तरफ से रांग साइड होकर झुमका तिराहे की ओर आते दिखाई दिए। अरुण हेलमेट लगाकर बाइक चला रहा था, जबकि लाल जूता पहने मुख्य शूटर रविन्द्र पीछे बैठा था। कैमरे से बचने के लिए दोनों परसाखेड़ा की तरफ मुड़े। फिर सराय चौकी होते हुए 5: 20 पर चौपुला पहुंचे। फिर दोबारा से 5:39 बजे फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर कैद हुए। वहीं पर हीरो स्पेलेंडर पर सवार दोनों बदमाशों से मिलकर वार्ता की। दोनों फिर एक साथ होकर रामपुर के लिए निकल गए।
बोले- हवा में हुई फायरिंग, फिर अपाचे वाले ने संभाली कमान
चारों शूटर रामपुर धमौरा स्थित अपना पंजाब होटल पर पहुंचे। वहां पर पहले दिन वाले दोनों शूटरों ने बताया कि हवा में गोली चल गई, लेकिन किसी के उठने की कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद रविन्द्र ने दोनों को वापस भेज कर कमान खुद संभाली। दोनों फिर 12 सितंबर को 2:25 पर फतेहगंज पश्चिमी टोल पर पहुंचे। 2:32 पर झुमका तिराहा पहुंच गए। वहां पर दोनों ने 22 मिनट तक चाय पीकर समय पास करते रहे। रविन्द्र शुरु से लाल जूता पहना हुआ था। इसके बाद उसने पैसे दिए और अपने टारगेट की ओर बढ़ गए। वह दोनों बाइक से 3.11 बजे दूल्हा मियां की मजार पर पहुंचे और 3:24 बजे चौपुला पहुंच गए। दिशा पाटनी के घर पर 3:35 बजे तड़के ताबड़तोड़ फायरिंग कर वापस चौपुला पर 3:38 पर पहुंचे। यानि कि तीन मिनट में फायरिंग कर वापस लौट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद मिनी बाइपास पर 3:42, डेलापीर पर 3:50, बैरियर टू 3:54 भोजीपुरा पर 4:08 बजे पहुंच गए। एसआरएमएस पर 4:14, दुनका 4:53, बसई 4:56, रामपुर 5:21 और 6:38 पर हाईवे पर चढ़ते हुए बिलासपुर की तरफ निकले।
अपाचे दिल्ली की और स्पेलंडर यूपी की
पुलिस ने अपाचे का डिटेल खंगाला तो वह अनिल सिंह निवासी सुल्तानपुरी नई दिल्ली के नाम पंजीकृत मिली, जबकि स्पेलेंडर गांव लुड़का बागपत निवासी संजीव के नाम पर रजिस्टर्ड मिली। पुलिस दोनों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने वारदात के बाद जब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालना शुरू किया तो सिटी स्टेशन रोड पर एक टेप का बंडल मिला। उस टेप से सीसीटीवी कैमरे के मिले फुटेज को मिलाया गया तो वही टेप अपाचे पर भी लगा मिला। साथ ही अपाचे की पिछली लाइट भी खराब मिली। जिसे आधार बनाकर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ती गई।