
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 202 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल की है। महागठबंधन को 35 सीटों पर जीत मिली है। एनडीए में बीजेपी 89 सीटों से साथ बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। वहीं जेडीयू 85 सीटों के साथ राज्य में दूसरी सबसे बड़ी बनी है।
बिहार चुनाव में जेडीयू की शानदार प्रदर्शन के बाद जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर चर्चाओं में हैं। दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान पीके ने दावा किया था कि नवंबर के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और अगर जेडीयू की 25 से ज्याादा सीटे आईं तो वो राजनीति छोड़ देंगे।
बिहार चुनाव में जेडीयू 85 सीटें लेकर आई है, जो प्रशांत किशोर के अनुमान से तीन गुना ज्यादा हैं। PK ने प्रचार के दौरान दावा किया था कि JDU को 25 से ज्यादा सीटें आईं तो राजनीति छोड़ दूंगा। रिपोर्टर ने इसे लेकर उनसे सवाल किया तो जवाब मिला- मैं किसी पद पर नहीं जो उसे छोड़ दूं।
आप मेरी बातों को इतना मत पकड़ा कीजिए। इसके बाद प्रशांत किशोर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उखड़े-उखड़े नजर आए। “किस पद पर हूं कि इस्तीफा दे दूं। मैंने ये नहीं कहा था कि बिहार छोड़कर चला जाऊंगा। राजनीति तो मैंने पहले ही छोड़ दी है, लेकिन ये नहीं कहा कि बिहार की बात करना छोड़ दूंगा।”
बता दें कि बिहार में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन उनकी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी। प्रशांत किशोर के तमाम वादों और इरादों को जनता ने नकार दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद सवाल उठ रहा है कि जेडीयू को लेकर ’25 सीट’ वाली भविष्यवाणी करने वाले प्रशांत किशोर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, परन्तु जनसुराज पार्टी की तरफ से एक वीडियो जारी करके बिहार के लिए एक संदेश देने का प्रयास किया है।
चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने कहा था कि नीतीश कुमार की पार्टी की बिहार चुनाव में 25 से ज्यादा सीटें आ गईं, तो राजनीति से संन्यास ले लूँगा। इसे लेकर जारी कयासों पर अब पीके ने विराम लगा दिया है।
पीके ने बिहार चुनाव में जन सुराज की करारी हार के बाद मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेस की। इस दौरान उनसे राजनीति से संन्यास वाले दावे को लेकर सवाल हुआ। पीके ने इस सवाल पर कहा कि किस पद पर हूं कि इस्तीफा दे दूं।
उन्होंने कहा कि यह नहीं कहा था कि बिहार छोड़ देंगे, बिहार के लोगों की बात कहना छोड़ देंगे. हम अब भी अपनी बात पर कायम हैं। पीके ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार डेढ़ करोड़ परिवारों को दो-दो लाख रुपये दे दे, जिन्हे 10-10 हजार का बयाना देकर यह वादा कि गया है हम बिहार छोड़ देंगे।
उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ परिवार गरीबी से बाहर आ जाएंगे, उनके बच्चों को मजदूरी करने गुजरात-तमिलनाडु नहीं जाना पड़ेगा तो हमें भी राजनीति करने की जरूर नहीं रहेगी, कुछ और काम कर लेंगे। पीके ने कहा कि नीतीश कुमार ने 10-10 हजार बयाना देकर वोट खरीदा है कि सरकार में आएंगे तो दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने सहारा इंडिया का उदाहरण देकर कहा कि जब कंपनी भाग गई, तब लोगों ने उस एजेंट को खोजना शुरू किया जिसने पैसे जमा कराए थे। नीतीश सरकार नहीं देगी, तो जीविका दीदियों और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को पकड़ा जाएगा, जिन्होंने महिलाओं को सिंबल समझाया है कि इस पर वोट दोगे तो छह महीने के भीतर यह पैसा मिलेगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार यह वादा पूरा कर दें, तो मान लूंगा कि हमारे आंदोलन में गलती थी। उन्होंने कहा कि सलाह का समय अब समाप्त हो गया है और संघर्ष संघर्ष का समय शुरू। जिसे भी यह दो लाख रुपये नहीं मिल रहे, वह हमसे संपर्क करे, जन सुराज के लोगों से संपर्क करे।
हम अधिकारियों के पास आपके साथ चलेंगे। नीतीश कुमार के पास भी चलेंगे। आपकी आवाज बनेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक बिहार को सुधारने का संकल्प पूरा न कर लूं, पीछे हटने का सवाल ही नहीं. बिहार नहीं छोड़ूंगा। जिन लोगों को लगता है कि मैं बिहार छोड़ दूंगा, यह उनका भ्रम है।
उन्होंने कहा कि तीन साल में जितनी मेहनत की है, उससे दोगुनी मेहनत करूंगा। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि घर-घर जाकर सिंबल समझाने के लिए जीविका दीदियों और अन्य सरकारी मशीनरी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए। चुनाव के बीच पैसे भेजे गए। प्रवासी मजदूरों को कपड़े के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये दिए गए।
उन्होंने जन सुराज की करारी हार के लिए जिम्मेदारी लेते हुए यह भी कहा कि प्रायश्चित के लिए 20 नवंबर को एक दिन का उपवास रखूंगा। कमियों को सुधारकर हम उतनी ही ताकत से फिर खड़े होंगे। हमें आज जरूर धक्का लगा है, लेकिन भविष्य में जीत हमारी ही होगी।
पीके ने कहा कि हम व्यवस्था परिवर्तन की बात कर आए थे, सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा सके। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी मेरी है। बिहार की जनता को अपनी बात सही से समझा नहीं पाया। उन्होंने कहा कि यह दोष मेरा है। आत्मचिंतन का वक्त है और हम आत्मचिंतन करेंगे जो लोग जीतकर आए हैं, उनको बधाई।
पीके ने कहा कि हम लोग बिहार विधानसभा में नहीं हैं, लेकिन जनता ने जो आदेश दिया है, उसका सम्मान करते हुए बाहर हम जनता की आवाज बुलंद करते रहेंग। नीतीश कुमार और बीजेपी ने जिन वादों पर जीतकर आए हैं, उन्हें पूरा करें।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर की थी भविष्यवाणी
ऐसा पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर किसी चुनाव में किसी पार्टी को मिलने वाली सीटों को लेकर भविष्यवाणी की हो। इससे पहले साल 2020 में उन्होंने कहा था कि बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की 100 सीटें नहीं आएंगी। और हुआ भी ऐसा ही, बीजेपी को 77 सीटें मिली।